
उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के निर्देशानुसार बिना सम्मति संचालित इकाईयों पर होगी कार्यवाही
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में विचाराधीन जनहित याचिका क्रमांक 48095/2025 के द्वारा निर्देशित किया गया है कि जिले में स्थापित एवं संचालित इकाईयां—कॉलोनी/भवन परियोजनाएं (जिनका क्षेत्रफल 2000 वर्ग मीटर या उससे अधिक तथा 01 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल), होटल, मैरिज गार्डन, अस्पताल, औद्योगिक इकाईयां एवं अन्य सभी इकाईयां जो मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जल/वायु अधिनियमों की परिधि के अंतर्गत आती हैं एवं जल/वायु सम्मति प्राप्त किये बिना स्थापित/संचालित हैं अथवा सम्मति नवीनीकरण के बिना संचालित हैं, ऐसी समस्त इकाईयों को जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 में निहित प्रावधानों के पालनार्थ बोर्ड से सम्मति प्राप्त करना अनिवार्य है।
अतः बिना सम्मति प्राप्त किये स्थापित/संचालित समस्त इकाईयां 10 मार्च 2026 के पूर्व बोर्ड की वेबसाइट www.mppcb.mp.gov.in के माध्यम से IEMS एवं XGN पोर्टल पर लाल श्रेणी की इकाईयां 05 वर्ष के लिए, नारंगी श्रेणी की इकाईयां 10 वर्ष के लिए तथा हरी श्रेणी की इकाईयां 15 वर्ष के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए आवश्यक सम्मति प्राप्त करें।
अन्यथा न्यायालय के आदेश के पालनार्थ अवैध इकाईयों के विरुद्ध न्यायालयीन कार्यवाही की जावेगी।